क्या व्यस्त होना ही जीवन जीना है?

आज सुबह जब मेरी नींद खुली, तो हमेशा की तरह सबसे पहले फोन मेरे हाथ में था। कुछ देर बाद जल्दी-जल्दी अपने कामों में लग गई। एक काम खत्म होता, तो दूसरा सामने आ जाता। देखते ही देखते पूरा दिन इसी तरह निकल गया। लेकिन रात को जब बिस्तर पर लेटी, तो अचानक मन मेंContinue reading “क्या व्यस्त होना ही जीवन जीना है?”