टूट कर फिर सम्भल कर उड़ने की अनकही कहानी

अनकही बाते

आज इतनी घायल है चिड़िया की समझ में ही नहीं आ रहा कि क्या कहे क्या न कहे इतनी घायल वो भी मन से तन से तो तब भी एक बार घायल चिड़िया लड़ सकती है पर मन से घायल कैसे खुद को समझाए पता ही नहीं क्या कहे क्या न कहे खुद से कुछ पता ही नहीं ।

उसको घायल किसी ओर ने नहीं अपनो ने ही किया यही तो उसकी सबसे बड़ी चोट है ।था चिड़िया कोई ओर नहीं बल्कि एक लड़की है जो बाहरी लोगों से लड़ती है लेकिन आज उसके सामने उसके अपने आ गए। अब उसको यही समझ नहीं आ रहा कि अपनो से कैसे लड़े ।कैसे उनको बताए कि कितने दर्द में है वो।

अपनो का दिया दर्द या धोखा _

आज उस चिड़िया के अपनो ने ही इतना दर्द दे दिया कि नही समझ पा रही क्या करे क्या न करे ।क्यों आखिर ऐसी जिंदगी होती है मध्यम वर्गीय समाज की लड़कियों की उसको सारी जिन्दगी लड़ना ही पड़ता है अगर वो अपने लिए कुछ करना चाहती है तो पहले बाहरी लोगों से फिर अपनो से ?बाहरी तो एक बार लड़ भी लो अपनो से कैसे वो अपने जिनके लिए उसने अपने ही सपनों को पीछे रख दिया हो कि अरे अभी तो इनको जरूरत है मेरी ,फिर वही अपने उसके सामने आकर खड़े हो जाते हैं जैसे ही वो अपने बारे में सोचना शुरू करती है पता नहीं क्यों उन्हें हमेशा भी चाहिए जो उनके ही हिसाब से चले कभी भी अपनी आवाज न सुने ।ओर जब वो अपनी सुनती है तो वहीं अपने उसके सामने आकर खड़े हो जाते हैं ये देख कर कितना दर्द होता है ये उस चिड़िया से पूछो कितना तड़पती है कि ये वही है जिनके लिए इतना किया अपने वो समय उन्हें दे दिया जो उसकी जिंदगी का सबसे अनमोल समय था ।ये धोखा उसे मानसिक कितना तोड़ता है ये कोई सोच भी नहीं सकता ।

क्यों सिर्फ शादी ही जिंदगी का केंद्र बिंदु बना दी जाती है क्यों कोई नहीं समझता कि लड़की है तो क्या इसके कोई बड़े सपने नहीं हो सकते क्या ये उड़ नहीं सकती या उड़ना नहीं चाहती है।ऐसा क्यों आखिर मध्यम वर्गीय परिवार में होता है ? पता नहीं क्यों उसको उसकी ही जिंदगी का विलन बना दिया जाता है।उसे बताया जाता है यह उसने उनकी नहीं सुनी इसी वजह से उसके साथ ऐसा हुआ अगर उनके खे अनुसार चलती तो ऐसा नहीं होता ।उसने मना क्या किया शादी करने से उसको चरित्रहीन बना दिया ओर ये सब कहने वाले कोई ओर नहीं बल्कि उसके अपने ही है उसे इतना दबा रहे कि वह घुटन में आकर बस शादी को है कर दे ।क्यों नहीं समझ ते ये लोग सिर्फ शादी ही जीवन का सत्य नहीं है इसके अलावा भी ओर सत्य है जो शादी से कही अधिक महत्वपूर्ण है

चरित्र को आंकना _

चिड़िया के चरित्र को लोग ऐसे आंकते है कि जैसे कोई इंसान नहीं बल्कि कोई वस्तु है अगर उसको शोरुम में रखे दिन हो गये इसका मतलब लोग सीधे ये लगाते हैं कि उसमें कोई कमी होगी कोई उसके पीछे की वजह नहीं जानता शायद वो लिमिटिड कलेक्शन ही हो ,पर नहीं उसको जानने की कोशिश नहीं करेगा कोई सिर्फ उसको लंबे समय से वही रखा देखेगा तो उसमें कमी निकलेगा ।ठीक इसी तरह अगर कोई लड़की 26 वर्ष या 27 वर्ष की है ओर शादी के लिए मना कर रही तो इसके पीछे की वजह नहीं जाननी बस उसके चरित्र को गलत मान लेना ओर उसको हर जगह बदनाम करने लगना यही सच्चाई है।

दर्द से लेकर उड़ने की आशा ना छोड़ना_

उस चिड़िया ने भी ठान रखी है चाहे कितना भी दर्द शहन करना पड़े पर उड़ना तो है ओर उड़ कर रहेंगे यही उसकी एक परम् सच्चाई है।चाहे कितना भी लोग या उसके अपने उसके सामने आकर खड़े हो जाये पर वो झुकेगी नहीं ,क्यों कि उसको पता है उसने कितना कुछ सहा ये सिर्फ ये उम्मीद में की एक दिन वो अपने सपनों को पूरा करेगी । एक दिन आसमान में उड़ेगी । यही उम्मीद उसे इस समय के चारों तरफ छाए घोर अंधेरे से निकलने में मदद करेगी।कही तो एक दरवाजा जो उसके इस अंधेरे से निकलने के लिए खुला होगा या खुलेगा जिस तक उसको पहुंचना है।जिस दिन वो इस दरबाजे तक पहुंच गई वो इतना ऊँचा उड़ेगी कि फिर कभी किसी की कैद में न आएगी।

ओर अंत में आज आप सभी से एक सवाल है क्यों आखिर ये समाज उस चिड़िया पर इतनी पाबंदी लगाना चाहता है क्यों नहीं समझता कि वो भी तो एक जीती जगती इंसान है न कि कोई वस्तु । क्यों इसी हजारों चिड़ियों को अपने सपने के लिए अपनो से ही लड़ना पड़ता है ये वो अपने जो उसे कहते तो अपना ही है पर उसके पीछे ही उसे बदनाम करते हैं,क्यों किसी लड़की की उड़ान में उसके चरित्र को बीच में ल दिया जाता है ऐसे ही उसको उड़ने से रोका जाता है।आखिर क्यों ?उसको क्यों अपने सपनों ओर अपने चरित्र में से एक को चुनने पर मजबूर कर दिया जाता है ओर अंत में थकी हुई लड़की अपने चरित्र को छोड़कर सपने को चुन लेती है अगर तो उसको ओर कई तरीकों से तोड़ने की कोशिश की जाती है।

आखिर क्यों उसके लिए इतनी सीमाएं तय कर दी गई है। ओर उसको अधिकार सिर्फ क्या अगर कुछ करना है तो सरकारी नौकरी करो नहीं तो शादी ये सीमाएं आखिर क्यों?

लेकिन कुछ भी के लो चाहे समाज हो या खुद उस चिड़िया के अपने ही ,पर वो उड़ेगी क्यों कि उसको पता है अगर उसने ये नहीं किया तो उसके जैसी ओर हजारों चिड़ियाँ है जो कभी नहीं उड़ पाएंगी किसी को तो ये नियम तोड़ने होंगे तो ये शुरुआत वो चिड़िया खुद ही करेगी अब किसी ओर के भरोसे नहीं बैठना कोई नहीं आने वाला उसको उड़ान देने के लिए जब उसके खिलाफ उसके अपने ही आ गए हो तो किसी ओर से नहीं आप e आप से उम्मीद करो ।

अलविदा मेरे मित्रों आज के लिए ओर हां जो सवाल किया है उसका जवाब जरूर देना ।

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