क्या हमारा जीवन अतीत में घटी घटनाओं से तय होता है, या उन घटनाओं पर दी गई हमारी प्रतिक्रिया से?क्या आपने कभी इस विचार पर ध्यान दिया है कि यदि अतीत ही सब कुछ तय करता, तो एक जैसे दुःख और संघर्ष झेलने वाले दो लोगों का जीवन एक जैसा क्यों नहीं होता? कोई व्यक्तिContinue reading “अतीत की कैद या भविष्य की आजादी?”
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मौन का शोर
“शोर “- अक्सर हम जब इस शब्द को सुनते हैं, तो हमारे मन में विचार ये आता है कि किसी से विवाद , भीड़ या चीख पुकार । पर क्या अपने कभी किसी मौन शोर को सुना है,ये वो शोर है जो हमें बाहरी आवाज या बाहरी दुनिया में सुनाई नहीं देता। ये शोर हमारेContinue reading “मौन का शोर”
“परंपरा – बेड़ियाँ या प्रगति ?”
चलिए आज हम कुछ ऐसा लेकर आए हैं, कि देखते है कितने लोग मेरे इन विचारों से सहमत हैं।ओर कितने लोग सहमत नही हैं। “परंपरा “ये शब्द तो हम सब अपने बचपन से ही सुनते आए हैं, कभी दादी तो कभी नानी या फिर अपने ही परिवार के अलग – अलग सदस्यों से। परंपरा जोContinue reading ““परंपरा – बेड़ियाँ या प्रगति ?””
मजबूरी से मजबूती तक
एक छोटी सी कली जिसके आंखों में भी सपने थे, जो उड़ना चाहती थी,पूरे बगीचे में महकना चाहती थी,पर उसके खिलने से पहले ही किसी ने उसे तोड़ दिया।अक्सर यही हजारों कलियों के साथ होता हैं,लेकिन किसी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसी बहुत सी कलियाँ होती हैं जो महकना चाहती है,परContinue reading “मजबूरी से मजबूती तक”
सुंदरता की परिभाषा: आखिर क्या।
आज हम आप सभी से कुछ जानना चाहते हैं, कि आखिर वास्तविक सुंदरता क्या है? इस सवाल का कोई जवाब देगा मुझे। क्यों की इस विषय पर आज हम कुछ कहना चाहते हैं, कि क्यों लोग ये समझ नहीं पाते की आखिर सुंदरता क्या है? हम जिस समाज में रह रहे हैं उसमें बाहरी सुंदरताContinue reading “सुंदरता की परिभाषा: आखिर क्या।”
बंद कमरे से खुले आसमान तक, एक उम्मीद की किरण
आसमाँ तक… एक चाहत, एक नीला आसमाँ। क्या हम सब इसे हर रोज़ नहीं देखते? क्या हम अपने अंदर उस एक आवाज़ को नहीं सुनते जो बार-बार पूछती है—”कब हम उस आसमाँ में उड़ेंगे?” हम लड़कियों की ज़िंदगी अक्सर एक बंद कमरे की खुली खिड़की से शुरू होती है। वही खिड़की हमें याद दिलाती हैContinue reading “बंद कमरे से खुले आसमान तक, एक उम्मीद की किरण”
एक यात्रा ऐसी भी
यात्राएं आखिर ये करना क्यों जरूरी होता हैं कभी किसी ने सोचा क्या ? अगर आप में से किसी ने कभी इस विषय पर विचार नहीं किया तो करना ,ओर पूछना अपने आप से क्यों हम कही अचानक से किसी यात्रा पर जाना चाहते हैं, या क्यों हम यात्रा करते हैं।शायद यहां कुछ लोग इसContinue reading “एक यात्रा ऐसी भी”
“मैं होकर भी मैं नहीं: एक अधूरा सफर”
दो सफर _ पता नहीं क्यूं आज अचानक ऐसा महसूस हुआ कि हम एक साथ 2 सफ़र पर निकले हो, कभी तो कुछ कहने का मन करता तो कभी शांत रहने का फिर भी खुद को समझ न पाए कि आखिर हम चाहते क्या है लेकिन इसका क्या फायदा कि हमें क्या चाहिए हम तोContinue reading ““मैं होकर भी मैं नहीं: एक अधूरा सफर””
टूट कर फिर सम्भल कर उड़ने की अनकही कहानी
अनकही बाते आज इतनी घायल है चिड़िया की समझ में ही नहीं आ रहा कि क्या कहे क्या न कहे इतनी घायल वो भी मन से तन से तो तब भी एक बार घायल चिड़िया लड़ सकती है पर मन से घायल कैसे खुद को समझाए पता ही नहीं क्या कहे क्या न कहे खुदContinue reading “टूट कर फिर सम्भल कर उड़ने की अनकही कहानी”
Ek nayi ummid ki kiran
kya apko kbhi esa lga hai ki sb khatm hai sare rashte bnd hai fir achanak se khi ek ummid jgi ho ki nhi abhi nhi ek rashta abhi bhi hai Agr apke shath esa huaa hai ya nhi ye to ap hi jante ho pr mere shath esa huaa jb lga ab sayad kuchContinue reading “Ek nayi ummid ki kiran”