The noise of silence

“Noise”—often, when we hear this word, the first thoughts that come to mind are conflict, crowds, or shouting. But have you ever heard the ‘noise of silence’? It is a noise that isn’t heard in the outside world or through external sounds. It is a storm that rages within us. It becomes audible only whenContinue reading “The noise of silence”

अतीत की कैद या भविष्य की आजादी?

क्या हमारा जीवन अतीत में घटी घटनाओं से तय होता है, या उन घटनाओं पर दी गई हमारी प्रतिक्रिया से?क्या आपने कभी इस विचार पर ध्यान दिया है कि यदि अतीत ही सब कुछ तय करता, तो एक जैसे दुःख और संघर्ष झेलने वाले दो लोगों का जीवन एक जैसा क्यों नहीं होता? कोई व्यक्तिContinue reading “अतीत की कैद या भविष्य की आजादी?”

मौन का शोर

“शोर “- अक्सर हम जब इस शब्द को सुनते हैं, तो हमारे मन में विचार ये आता है कि किसी से विवाद , भीड़ या चीख पुकार । पर क्या अपने कभी किसी मौन शोर को सुना है,ये वो शोर है जो हमें बाहरी आवाज या बाहरी दुनिया में सुनाई नहीं देता। ये शोर हमारेContinue reading “मौन का शोर”

सुंदरता की परिभाषा: आखिर क्या।

आज हम आप सभी से कुछ जानना चाहते हैं, कि आखिर वास्तविक सुंदरता क्या है? इस सवाल का कोई जवाब देगा मुझे। क्यों की इस विषय पर आज हम कुछ कहना चाहते हैं, कि क्यों लोग ये समझ नहीं पाते की आखिर सुंदरता क्या है? हम जिस समाज में रह रहे हैं उसमें बाहरी सुंदरताContinue reading “सुंदरता की परिभाषा: आखिर क्या।”

“वह लड़की जो उड़ना चाहती थी”

🌸 हर दिन एक संघर्ष से जन्मी एक लड़की की कहानीवो बहुत कुछ कहना चाहती थी, बहुत कुछ जीना चाहती थी, लेकिन ज़िम्मेदारियों ने उसकी उम्र से पहले ही उसे बड़ा बना दिया। बचपन में जहाँ सपने होते हैं, वहाँ उसके हाथों में घर की ज़िम्मेदारी थमा दी गई। पहले घर, फिर रिश्तों, फिर एकContinue reading ““वह लड़की जो उड़ना चाहती थी””

“मैं होकर भी मैं नहीं: एक अधूरा सफर”

दो सफर _ पता नहीं क्यूं आज अचानक ऐसा महसूस हुआ कि हम एक साथ 2 सफ़र पर निकले हो, कभी तो कुछ कहने का मन करता तो कभी शांत रहने का फिर भी खुद को समझ न पाए कि आखिर हम चाहते क्या है लेकिन इसका क्या फायदा कि हमें क्या चाहिए हम तोContinue reading ““मैं होकर भी मैं नहीं: एक अधूरा सफर””