क्या लोग सच में बदल सकते हैं?

हमने शायद कभी न कभी किसी के बारे में यह ज़रूर कहा होगा कि “यह इंसान कभी नहीं बदलेगा।” या फिर किसी न किसी ने कभी हमारे बारे में भी यह कहा होगा कि “तुम कभी नहीं बदलोगे।” लेकिन क्या सच में हमेशा ऐसा ही होता है? बहुत से लोगों का मानना है कि इंसानContinue reading “क्या लोग सच में बदल सकते हैं?”

क्या अकेले होना और अकेलापन एक ही बात है?

क्या कभी आपने खुद से यह सवाल पूछा है कि क्या अकेले होना और अकेलापन महसूस करना एक ही बात है? हमें देखने पर तो यही लगता है कि ये दोनों एक ही बात हैं, क्योंकि दोनों में इंसान अलग दिखाई देता है। लेकिन अगर थोड़ा गहराई से देखें, तो इनके बीच उतना ही अंतरContinue reading “क्या अकेले होना और अकेलापन एक ही बात है?”

क्या आप कभी अपने आप से मिले हैं?

क्या आप कभी अपने आप से मिले हैं? यह प्रश्न सुनते ही शायद आपके मन में आया होगा—”कैसा अजीब सवाल है! मैं तो हर समय अपने साथ ही रहता हूँ।” लेकिन क्या सच में ऐसा है? ज़रा रुककर सोचिए। मुझे लगता है कि इस प्रश्न ने कुछ क्षणों के लिए ही सही, आपके भीतर एकContinue reading “क्या आप कभी अपने आप से मिले हैं?”

मौन का शोर

“शोर “- अक्सर हम जब इस शब्द को सुनते हैं, तो हमारे मन में विचार ये आता है कि किसी से विवाद , भीड़ या चीख पुकार । पर क्या अपने कभी किसी मौन शोर को सुना है,ये वो शोर है जो हमें बाहरी आवाज या बाहरी दुनिया में सुनाई नहीं देता। ये शोर हमारेContinue reading “मौन का शोर”